Tuesday, March 31, 2020

हर संक्रमण से लड़ने की ताकत रखता है भारतीय शास्त्रीय संगीत

 कुछ लोगों को सुनने में थोड़ा अजीब कुछ लोगों को सुनने में थोड़ा अजीब लगे लेकिन यह सत्य है। भारतीय शास्त्रीय संगीत में उपयोग किए जाने वाले वाद्य यंत्र हर प्रकार के मर्ज और संक्रमण से लड़ने की ताकत रखते हैं भारतीय शास्त्रीय संगीत में उपयोग में लाए जाने वाले वाद्य यंत्र जैसे तबला, सारंगी, हारमोनियम, संतूर,बांसुरी इनमें एक अलग ही नाद होती है, जिसके श्रवण मात्र से ही संक्रमित भक्ति में अलग ही उत्साह उमंग रक्त में दौड़ पड़ता है इन वाद्य यंत्र  जैसे ही सुनाई देते  है मन और मस्तिष्क  को आनंद मिलता है।
भारत में  ही शास्त्रीय संगीत का उद्भव हुआ और आज है पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है कुछ दिन पहले ही मैंने भोपाल के मैनिट विश्वविद्यालय में पंडित हरिप्रसाद चौरसिया जी जो विश्व स्तर के बांसुरी वादक हैं का प्रोग्राम देखा उसमें कलाकारों के द्वारा तबले और बांसुरी अद्भुत संगम था वह वहां पर बैठे व्यक्ति के रग-रग में इस अनोखे संगम की अलग ही लहर थी और इस बात की जानकारी भी मुझे पंडित हरिप्रसाद चौरसिया जी से ही प्राप्त हुई थी कि शास्त्रीय संगीत में तनाव से लड़ने की  ताकत होती जो भी व्यक्ति इसका श्रवण कर स्वस्थ महसूस करेगा।

वर्तमान   मैं भारत और विश्व कोरोनावायरस नामक संक्रमण से ग्रसित है इस हेतु भारत की एक संस्था की संचालिका  दुर्गा जसराज ने अपने इंस्टाग्राम लाइव इंटरव्यू में यह बात कही उन्होंने बताया कि जब तक भारत में लॉक डाउन की स्थिति बनी हुई है तब तक उनके कलाकार फेसबुक लाइव के माध्यम से अपनी रोजाना 20 मिनट प्रस्तुति देंगे जिससे लोग उसे श्रवण कर नए जोश और नई ऊर्जा के साथ इस लॉक डाउन मैं अपने आप को तनाव से मुक्त रख सकते हैं।


Monday, March 30, 2020

चीन ने कोरोना विजय पर फिर से शरू किया मीट मार्केट फिर शरू हुई चमगादड़ की विक्री

चीन में कोरोना के मरीज मिलना जैसे ही बंद हुए उसने अपना जानवरो का मीट मार्किट फिर से शुरू कर दिया, और चमगादड़ की बिक्री कर कोरोना विजय के रूप में मनाया, विश्व भर की अर्थव्यवस्था को चौपट कर करोड़ो लोगो की जान जोखिम में डाल कर चीन अपने उसी रास्ते पर वापस आगया है।  विश्व स्वास्थ्य संगठन की माने तो कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुआ और आज वो दुनिया के हर देश में अपनी तबाही मचा रहा है, सबसे ज्यादा कोरोना से  प्रभावित देशों की सूची में अमेरिका शीर्ष पर है,अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्रालय में तो वहां के डॉक्टर यहां तक दावा कर चुके हैं कि जिस गति से कोरो संक्रमण वहां पर फैल रहा है ऐसी आशंका जताई जा रही है कि लगभग 1 लाख लोग इससे मर सकते हैं।
ठीक ऐसी ही स्थिति इटली और ईरान की भी है भारत में भी दिन प्रतिदिन इसकी संख्या बढ़ती जा रही है भारत सरकार ने संपूर्ण देश में लाख डाउन कर लोगों को घर पर रहने की सलाह दी है जो काफी हद तक इस बार को कंट्रोल करने में कारगर हुई भी है लेकिन निर्दयी चीन ने अपने मीट मार्केट को शुरू कर चमगादड़ के मांस की बिक्री कोरोना विजय के रूप में शुरू कर दिया, अनुमान लगाया जा रहा है कि चीन ने कोरोना वायरस पर विजय प्राप्त कर ली है।


Saturday, March 28, 2020

भूल:- लॉक डाउन ब्रेकिंग पढ़ने से पहले प्रधानसेवक को पलायन मजदूरों को घर जाने का निवेदन करना था

प्रधान मंत्री ने 19 मार्च को राष्ट्र को संबोधन के साथ दूसरे शहरों में पलायित आमजनों को अपने घर जाने का भी निवेदन करना था।
आज जो दिल्ली में इतनी बड़ी मात्रा में लोग दिल्ली  के बॉर्डर पर जमा है इसका जिम्मेदार केंद्र सरकार भी है और दिल्ली सरकार ही है। अगर यह लॉक डाउन करने के पहले इस बात पर मंथन किया जाता कि बड़े शहरों में दूसरे शहरों एवं राज्यों से कई लोग काम करने आए लोग मौजूद हैं , तो सबसे पहले उन्हें उनके घर जाने की सूचना देनी चाहिए जिससे कि वह लोग आसानी से अपने घर पहुंच जाते लॉक डाउन के बाद आवागमन के साधन बंद कर दिए गए जो जहां थे वही थम का राह गए।
लॉक डाउन की अवधि बढ़ती गई और यातायात थमता गया, परिणाम लोग राज्यो और शहरों की सीमा में फस गए,
ऐसे में फसे लोगो की तरफ किसी का भी ध्यान नही गया। लोगो के पास परिवार सहित खाने के लाले पड़ने लगे, जो लोग मजदूरी कर अपना पेट पाल रहे थे अब वो किसी काम के नही बचे, परिणाम आज दिल्ली में आपके सामने है।
प्रधान सेवक के आवाहन पर देशभर ने घंटे घड़ियाल थाली ठोक कर जिस लाक डाउन से अभिवादन किया गया। परंतु दूसरे शहरों और राज्यों में फंसे लोगों पर किसी की नजर नहीं गई परिणाम स्वरूप फंसे हुए लोगों के पास अब यही विकल्प था कि वह यातायात साधनों के बिना ही अपने अपने घर की ओर निकल पड़े और पुलिस प्रशासन ने उन्हें सीमा बंदी के कारण जाने से रोका इसी बीच अफवाहों का दौर भी बहुत गर्म हो गया नतीजा यह निकला कि अब लोग दिल्ली से सटे सीमा पर एकत्रित हो गए हैं, और अपने घर जाने के लिए वाहनों की तलाश कर रहे हैं उनमें से कई लोगों ने तो पिछले तीन-चार दिनों से भोजन का दाना भी ग्रहण नहीं किया,  ऐसी बदहवास  स्थिति में जनसेवा को को दिल्ली सरकार को और केंद्र सरकार को ऐसे फंसे हुए लोगों के लिए स्वास्थ्य दवाइयां एवं भोजन का इंतजाम करना चाहिए अन्यथा जिस लाख डॉन को अभी तक हम सफल बता रहे थे वह एक भयानक स्थिति पहुंच जाएगा और देशों में धीरे धीरे मृत लाशों का अंबार खड़ा हो जाएगा। और किसी के ऊपर दोषारोपण करने का समय भी नही बचेगा,  ऐसे बुरे वक्त में हम भी अपने सामने से निकलते लोगो की भोजन और जल के माध्यम से मदद कर सकते है।और ईश्वर से प्रार्थना कर सकते है। इतनी विविधता वाले देश मे इतनी जल्दी फैसला लेना कभी कभी सही नही होता।

हम भी त्रासदी की ओर है।


ये फोटो देश की तबाही को बयां कर रही है, क्या मजदूर गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब हरियाणा में नही है?  लेकिन ये नजारा सिर्फ दिल्ली में ही क्यों देखने को मिल रहा है? सीधी सी बात है ये सोची समझी साजिश नजर आ रही है।  लोगो को एनाउंस कर बसे चलाने की जरूरत ही क्या थी ? अब अनगिनत मौते और लाशो के ढेर भारत मे भी लगने वाले है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार की यह हरकत पूरे देश पर बवंडर बन के टूटेगी। और हम सिर्फ अपने टेलीविजन पर ये त्रासदी को देखने के अलावा कुछ भी नही कर सकेंगे। ये जो फोटो में पलायन नजर आ रहा है, ये ही अनगिनत मौतों का कारण बनेगा, और कोई कुछ भी नही कर पाएगा, आप कितने भी अस्पताल बना लीजिए, कितनी ही रेल को जांच स्थल बना लीजिए, कितने ही स्कूल को क्वारेटाइन वार्ड बना लीजिए।

अफसोस कि भारत भी इटली जैसे नजारों में शामिल हो जाएगा।

अनुश्री होम्योपैथी कॉलेज में यज्ञ विज्ञान पर कार्यशाला, 251 कुण्डीय महायज्ञ की वैज्ञानिकता पर हुई चर्चा

जबलपुर। अनुश्री होम्योपैथी कॉलेज में 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के वैज्ञानिक पहलुओं पर केंद्रित एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम ...