शासकीय अधारताल विद्यालय, जबलपुर में गुरुवार को 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के उपलक्ष में “यज्ञ विज्ञान एवं उसके वातावरणीय व स्वास्थ्य संबंधी लाभ” विषय पर एक विशेष व्याख्यान एवं प्रेजेंटेशन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय प्रबंधन एवं गायत्री परिवार के सहयोग से किया गया।
इस अवसर पर विशेषज्ञ वक्ता द्वारा यज्ञ के वैज्ञानिक पक्ष, पर्यावरण पर इसके सकारात्मक प्रभाव, तथा यज्ञ चिकित्सा के लाभों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि वातावरण शुद्धि, मानसिक संतुलन, तनाव नियंत्रण और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
प्रेजेंटेशन के दौरान यह भी समझाया गया कि यज्ञ में उपयोग होने वाली आहुतियों से वातावरण में ऐंटी-बैक्टीरियल तत्व फैलते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता में सुधार होता है। वैज्ञानिक शोधों के उदाहरणों से यह स्पष्ट किया गया कि यज्ञ से वातावरण में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं का नाश होता है और मनुष्य के स्वास्थ्य को लाभ मिलता है।
व्याख्यान के पश्चात विद्यार्थियों ने उत्सुकता से प्रश्न पूछे—
यज्ञ का धुआँ शरीर पर कैसे प्रभाव डालता है?
क्या यज्ञ चिकित्सा आधुनिक चिकित्सा की तरह प्रभावशाली हो सकती है?
यज्ञ से मानसिक शांति कैसे मिलती है?
वक्ता के रूप में गायत्री परिवार के कार्यकर्ता मोहित मिश्रा ने सभी प्रश्नों का सरल वैज्ञानिक भाषा में उत्तर देकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। बच्चों ने कार्यक्रम को अत्यंत रोचक, ज्ञानवर्धक और प्रेरक बताया।
विद्यालय प्रबंधन ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु महत्वपूर्ण कदम बताया तथा आगामी दिनों में भी ऐसे वैज्ञानिक-आधारित आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की।
इस तरह 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की तैयारी के क्रम में हुआ यह व्याख्यान न केवल विद्यार्थियों में भारतीय वैदिक संस्कृति के प्रति उत्साह जगाने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि विज्ञान और अध्यात्म के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी बना।
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